JeevanMag.com

About Us

s468

कथा‍-कहानी

यह भी जानो!

  • 7 Startling Facts

  • Happy New Year Wish in 15 languages

  • Intresting facts- Gyanesh kumar

  • Amazing & Intresting facts- Gyanesh kumar

  • Amazing facts- Gyanesh Kumar

  • हमें गर्व है की हम भारतीय हैं

  • अनमोल वचन

    काव्य सुधा

    motivation

    न सर पे ताज (ग़ज़ल) -ज़ुहैबुद्दीन

    न सर पे ताज-ए-फज़ीलत न शान बाक़ी है कहूँ मैं किससे कि मुझमे भी जान बाक़ी है किसी भी हाल में मंज़िल से दिल नहीं बहला अभी निगाह में शायद उड़ान बाक़...

    चिंतन‍-मनन

    Indian-American-Businessman_M

    अमेरिका में नस्लीय हिंसा सुनियोजित तो नहीं? -अबुज़ैद अंसारी

    हाल ही में नस्लीय भेदभाव के कारण अमेरिका में भारतीयों पर हुए हमले में श्रीनिवासन नामक भारतीय ने अपनी जान गवां दी थी। इस घटना के बाद से वहां रह रहे...

    हँसी दिल्लगी

    • Ambedkarwaadi
    • Jeetan+Ram+Manji+Bihar+CM
    • Devtaon-hindu-gods-godesses-animated
    • Kumar+Shivam+Mishra
    • 13613448221385010052
    • download+(1)

    ज़रा हटके

    Dr.+Kalam+Sketch

    जीवन मग टीम की ओर से डॉ कलाम को भावभीनी श्रद्धांजलि

    पूर्व राष्ट्रपति भारत-रत्न वैज्ञानिक डॉ एपीजे अब्दुल क़लाम का आई.आई.एम शिलांग में  छात्रों को सम्बोधित करते वक़्त दिल का दौरा पड़ने से बीते&n...

    VedicMathematics1

    Vedic Tip For Faster Calculation

    Stuck in a Maths. Calculation? Shade your worries, Vedic Maths. is here to your rescue!!!

    tomatoes_fresh-wallpaper-1366x768

    Health Pellets

    Check up What's going on in the Medical arena!!!

    1200-nokia-lumia-820-900x600

    नोकियाः अस्त होता सूर्य

    ऋषभ अमृत व आकाश कुमार बता रहे हैं नोकिया की मार्केटिंग में गिरावट की वजह

    wood-texture

    Join Team JeevanMag.com

    If the creative cat inside you is tempting to come out, Fill up this form & get to be amongst us...It's easy!!!

    Thursday, 15 March 2018

    मुल्क़ किस दौर में (नज़्म) -अबुज़ैद अंसारी

    propic
    propic
    बेगुनाहों के सीनों में धँसे खंजर देखूँ  हाय अफ़सोस ! कब तक यही मंज़र देखूं  गंगा बहती है जहाँ उसकी ज़मीं पर कब तक  ख़ून के बहते हुए और कितने समुंदर देखूँ  मुल्क़...

    Thursday, 27 July 2017

    More Than A Hundred Girlfriends (Short Story) -Wasim Ahmad Alimi

    20293089_460120701032155_3992487904253412913_n
    20293089_460120701032155_3992487904253412913_n
    “Stand up and introduce yourself to the class” the teacher said to Arzam. He stood erect facing the class. The class looked at him in surprise.  Arzam had a gaunt and bony...

    Monday, 6 March 2017

    अमेरिका में नस्लीय हिंसा सुनियोजित तो नहीं? -अबुज़ैद अंसारी

    Indian-American-Businessman_M
    हाल ही में नस्लीय भेदभाव के कारण अमेरिका में भारतीयों पर हुए हमले में श्रीनिवासन नामक भारतीय ने अपनी जान गवां दी थी। इस घटना के बाद से वहां रह रहे भारतीयों में भय और तनाव का माहौल...

    Tuesday, 8 November 2016

    नोट में बदलाव क्यों? -अबुज़ैद अंसारी

    new+currency
    new+currency
    देश में एक हज़ार और पांच सौ के नोट में बड़ा बदलाव करके भारत सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने के लिए महत्वपूर्ण क़दम उठाया है। हर देश की सरकार यही चाहती है कि उसकी...

    Saturday, 5 November 2016

    मीडिया पर प्रतिबंध: कितना सही, कितना ग़लत -अबुज़ैद अंसारी

    thequint%25252F2016-11%25252Fb0868f50-e2d4-4502-a4b1-06037f70491b%25252Fndtv+india+ban
    खींचो न कमानों को,  न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो अकबर इलाहाबादी द्वारा लिखी गई यह पंक्तियाँ अपने आप में क़लम की ताकत को स्पष्ट करती हैं। इसे अभिव्यक्ति...

    Thursday, 3 November 2016

    जामिया का सतरंगी स्थापना दिवस -अबुज़ैद अंसारी

    14729323_1280659341979569_1508830467027259748_n
    14729323_1280659341979569_1508830467027259748_n
    हक़ीकत सुर्ख मछली जानती है समुन्दर कितना बूढ़ा देवता है जामिया के 96वें स्थापना दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर पर बशीर बद्र की लिखी ये पंक्तियां साकार होती नज़र आती हैं। अगर समुन्दर...

    Wednesday, 7 September 2016

    न सर पे ताज (ग़ज़ल) -ज़ुहैबुद्दीन

    motivation
    motivation
    न सर पे ताज-ए-फज़ीलत न शान बाक़ी है कहूँ मैं किससे कि मुझमे भी जान बाक़ी है किसी भी हाल में मंज़िल से दिल नहीं बहला अभी निगाह में शायद उड़ान बाक़ी है पड़ा जो वक़्त तो तिनके...

    Sunday, 14 August 2016

    Independence Day: A time to celebrate and reflect upon- Akash Kumar

    giphy
    giphy
    It's not just an occasion to celebrate but also to reflect upon where we are headed as a country. As much as it is the moment to take pride in the fact that we have proved Churchill...

    Tuesday, 31 May 2016

    Behind The Veil Of Poverty -Wasim Ahmad Alimi

    IMG_20160530_203155_002
    IMG_20160530_203155_002
    The darkness was decreasing. The sun was about to rise. And the birds in the branches of nearby trees began chirping to announce the upcoming morning of the day. As soon as Shukru...

    Monday, 30 May 2016

    ये कैसी आज़ादी है? -हसन चौधरी

    images+%25283%2529
    images+%25283%2529
    देश में अब बर्बादी है ये कैसी आज़ादी है क्या सपने उनके झूठे थे जो आज़ादी पर मर मिटे थे स्वयं हिंसा करते फिरते हैं फिर कहते गांधीवादी है देश में अब बर्बादी है ये कैसी आज़ादी है अब...

    Wednesday, 18 May 2016

    पुरस्कार नहीं चाहूँगा (कविता) -अबुज़ैद अंसारी

    IMG_0191
    IMG_0191
    प्रज्वलित होता दीपक हूँ  शांति प्रकाश फैलाऊँगा विकीर्ण होती अशांति पर  नीर बन गिर जाऊंगाछिन्न पत्र में फिर से मैं हरित क्रांति लाऊँगा कृत्यों पर कोई पुरस्कार...

    Monday, 16 May 2016

    हिन्द का कलाम (नज़्म) -अबुज़ैद अंसारी

    IMG_20160517_025159
    IMG_20160517_025159
    मर कर नहीं मरा वो इस हिन्द का ग़ुलामज़िंदा अभी दिलों में है हिन्द का कलाम छोटी सी झोपड़ी में चमका वो दीप बनकर या था कोई सितारा रामेश्वर के ऊपर उसने किया जहाँ में ऊँचा वतन का नाम ज़िंदा...

    Thursday, 12 May 2016

    The Inner Voice (Poem) -Wasim Ahmad Alimi

    images
    images
    I am here , but my heart is somewhere The time is too difficult without you , to spare If you don't mind , I would dare To say " you are my love " please be aware . O chaste ! When...

    Saturday, 7 May 2016

    माँ और बचपन की याद (नज़्म)-वसीम अहमद अलिमि

    IMG-20160508-WA0002
    IMG-20160508-WA0002
    मेरे बचपन का मुझे सारा ज़माना याद है। माँ तेरी आग़ोश में वो मुस्कुराना याद है। थपकियाँ देना तेरा लोरी सुनना याद है। मेरी खुशियों के लिए वो गुनगुनाना याद है। उँगलियों को थाम कर चलना...

    Saturday, 12 March 2016

    तुझे जाना बहुत दूर है (कविता) - अबुज़ैद अंसारी

    jeevanmag
    jeevanmag
    हार कर तू हार को क्यों अपनी हार मानता है। बीच राह में क्यों ठिठक कर लक्ष्यहीन हो तू खड़ा है। लक्ष्य को आयाम दे पंखों को उड़ान दे तेरा लक्ष्य बहुत दूर तुझे जाना बहुत दूर है। उपवनों...
    Page 1 of 2912345...29 >
    blank

    A series of skype group conversations beetween students from India & Pakistan

    Banner+Mission+Aman
    Proudly sponsored by JeevanMag.com
     
    Copyright © 2016 Jeevan Mag
    Editor-in-chief Akash Kumar Executive Editor Nandlal Mishra Associate Editor AbuZaid Ansari Publisher Blue Thunder Student AssociationShared by WpCoderX
    Blogger Widgets
    Enjoy JeevanMag.com? Like us on Facebook!)